Monday, July 5, 2010

भविष्य हमारा है . धरम जाती मुक्त समाज हमारा नारा है .

हम भविष्य हैं , और हम  ये सीना ठोक कर कहेंगे , मैं बात कर रहा हूँ , उस भविष्य की जिसकी आज के धर्मगुरु , इज्ज़त के नाम पर अपने ही बेटे , बेटियों की हत्या करने वाले दरिंदो की सोच से बाहर है , मैं बात कर रहा हूँ  धर्म , जाति , रंग से स्वतंत्र दुनिया की , कई लोगों को लगे की ऐसा होना असंभव है , और कई लोग जो ये कहते आते हैं , की उनका रास्ता ही सही रास्ता है , या उनकी धार्मिक किताब ही सही रास्ते की तरफ लेकर जाती है , या केवल इन्ही के धर्म में शामिल होकर ही इश्वर को प्राप्त किया जा सकता है , वो तो उबल पड़ेंगे , कह्नेगे की ये क्या कह रहा है, इसका दिमाग ख़राब है , उन्हें गुस्सा आएगा , हमे ख़तम  करने की कोशिस होगी , क्योंकि उनका तो मामला ख़तम  हो जायेगा , कैसे वो लोगों को भटका कर पैसे कमाएंगे , कैसे उन पर राज करेंगे?
लेकिन अब अगर इनको जिन्दा रहना है , तो हमारी बात माननी होगी क्योंकि जल्दी ही हम जैसे युवा सड़क पर उतरने वाले हैं , और जब हम उतरेंगे बहुतों के कपडे फाड़ने वाले हैं . तो भैया या तो हमारे साथ आ जाओ , या डूब मारो जाकर किसी नदी में .

2 comments:

Udan Tashtari said...

शुभकामनाएँ.

Unknown said...

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